इन हसिनाओ का बुखार चढ़ा!
यारों मुझे डेंगू मलेरिया की तरह !
सलवार की जगह जिन्स बाधा !
तम्बाखू से फैले कैंसर की तरह !
इन हसिनाओ का बुखार चढ़ा !
पहले इन हसिनोकी चूड़िया खनकती थी!
बादल की गरजने की आवाज़ की तरह !
आज चूड़िया पड़ी रहती है यारों !
कार्पोरेशन के कचरे की खाद की तरह !
इन हसिनाओ का बुखार चढ़ा!
यारों मुझे डेंगू मलेरिया की तरह !
माथे पर बिंदी नहीं कानो मैं बाली नहीं !
यह कुवाऱिया रहती है किसी बेवा की तरह !
इन हसिनाओ का बुखार चढ़ा!
यारों मुझे डेंगू मलेरिया की तरह !
पहले शर्मो हया के परदे मैं कुवाऱिया !
लगती थी मंदिर की मूरत की तरह !
होतो पर लाली लगाये अब लगती है !
इस विजय को किसी खून पीती चुड़ैल की तरह !
इन हसिनाओ का बुखार चढ़ा!
यारों मुझे डेंगू मलेरिया की तरह !
यारों मुझे डेंगू मलेरिया की तरह !
सलवार की जगह जिन्स बाधा !
तम्बाखू से फैले कैंसर की तरह !
इन हसिनाओ का बुखार चढ़ा !
पहले इन हसिनोकी चूड़िया खनकती थी!
बादल की गरजने की आवाज़ की तरह !
आज चूड़िया पड़ी रहती है यारों !
कार्पोरेशन के कचरे की खाद की तरह !
इन हसिनाओ का बुखार चढ़ा!
यारों मुझे डेंगू मलेरिया की तरह !
माथे पर बिंदी नहीं कानो मैं बाली नहीं !
यह कुवाऱिया रहती है किसी बेवा की तरह !
इन हसिनाओ का बुखार चढ़ा!
यारों मुझे डेंगू मलेरिया की तरह !
पहले शर्मो हया के परदे मैं कुवाऱिया !
लगती थी मंदिर की मूरत की तरह !
होतो पर लाली लगाये अब लगती है !
इस विजय को किसी खून पीती चुड़ैल की तरह !
इन हसिनाओ का बुखार चढ़ा!
यारों मुझे डेंगू मलेरिया की तरह !
nice poem
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